January 2011
श्याम नारायण 'कुन्दन' की कहानी - लव मैरिज →
’सतीश ये मेरी पत्नी शैलजा जी हैं। कुछ दिन पहले ही हमलोगों ने लव मैरिज की।’ लगभग चार साल के लम्बे अन्तराल के बाद अचानक हुए एक मुलाकात के अवसर पर मेरे मित्र राघवेन्द्र ने अपने बगल में बैठी…
रचनाकार के पाठकों के पत्र →
यूँ तो रचनकार की रचनाओं पर त्वरित टिप्पणियों की सुविधा है, मगर बहुत से पाठक इसे सब्सक्राइब कर पढ़ते हैं और ईमेल से भी इनकी रचनाओं को फारवर्ड करते हैं. ऐसे में कभी कभार होता यह है कि पाठकों की…
प्रमोद भार्गव की पुस्तक समीक्षा - हेमन्तिया... →
देह मण्डी का आंचिलक सौंदर्य
अजीब विडंबना है कि भारत के कुछ समाजों में समय और समाज ने देह व्यापार के अभिशाप को भी सामाजिक संस्कार का रूप दिया हुआ है। मध्यप्रदेश के सागर जिले में रहने…
गंगाप्रसाद शर्मा 'गुणशेखर' के ठंड से ठिठुरते दोहे →
ठंड से ठिठुरते दोहे
कुहरे की आकाश से , शाम हुई क्या बात। सुबह-सुबह ही लूट ली, सूरज की बारात।। ठिठुर-ठिठुर कर ठंड से,होती है बेहाल। कौन लूट कर ले गया ‘पश्मीना’ की शाल ।। पाँचों…
संजय दानी की ग़ज़ल →
जब से दिलों की गलियों में ईमान बिकते हैं,
बस तब से राहे-इश्क़ बियाबान लगते हैं।
ग़म से भरी है दास्तां मेरी जवानी की,
बाज़ारे-इश्क़ मे सदा अरमान सड़ते हैं।
साहिल के घर का ज़ुल्म बहुत झेला है…
विजय वर्मा की हास्य व्यंग्य कविता व ग़ज़ल →
बदलती फिज़ा
माना कि पैसों की अहमियत बहुत है,
इस शहर में मगर आदमियत नहीं है.
विष-बुझे व्यंग्य -बाणों की होती है वर्षा
फिज़ा में इन्द्र-धनुषी रूमानियत नहीं है
कुछ मुस्कुराते हुए चेहरे है…
शशांक मिश्र‘‘भारती'' के बाल गीतः- →
एकः- जाड़े की ऋतु
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खुशियों को साथ लिए
सुन्दर सपने हजार लिए
ऋतु जाड़े की आ गई
पवन सर-सराने लगी
दांत बजवाने लगी
सतरंगी परिवेश लिए
ऋतु जाड़े की आ गई
सरदी के बढ़े हैं गात
अंकित फ़ादिया कौन? एथिकल हैकर या नॉन-एथिकल... →
अंकित फ़ादिया को आप जानते हैं? कितना? आह! इंटरनेट आपको तमाम विश्व में देखते देखते मशहूर कर सकता है तो एक मिनट में आपकी मिट्टी भी पलीत कर सकता है. अंकित फ़ादिया से बढ़िया उदाहरण और…
प्रमोद भार्गव का आलेख : आर्थिक घोटालों की... →
कौटिल्य समग्र प्रजाहित को राजा की जवाबदारी मानते थे। कार्ल मार्क्स भी सर्वहारा के प्रति चिंतित रहे। इसलिए उनका अर्थचिंतन किसान और मजदूर के प्रति समर्पित है। गांधी और विनोबा भावे का तो समग्र…
चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव की कविता - कहो मेरे प्रिय... →
हर नए साल की अगवानी में
हर बार मैं उसे
एक नई कविता का उपहार देता हूँ।
कहो मेरे प्रिय नए साल
इस बार मैं तुम्हें क्या दूँ ?
किस स्याही से
कौन सी कविता लिखूँ ?
पिछली बार जब तुम आए थे
मैंने…
रवीन्द्र अग्निहोत्री का आलेख - अपराधी कौन? मैकाले... →
अपनी वर्तमान शिक्षा की जिन बातों को लेकर समाज में असंतोष है उनमें से एक है ” शिक्षा का माध्यम “. अंग्रेजी का शिक्षा के माध्यम के रूप में अधिकृत और व्यवस्थित प्रयोग तो लार्ड मैकाले के उस विवरण…
शशांक मिश्र ‘‘भारती'' की रचनाएँ →
एकः- विश्वास रूपी दीपक जो जलाते रहें, मंजिल की समीपता आप पाते रहें। गीत विश्वासों के निःस्वर होते नहीं, सुबह के प्रिय दृश्य आप गाते रहें। हृदय की कुण्ठा का पास आना क्या, सत्य पर निष्ठा…
December 2010
सतीश वर्मा की कविताएँ →
सतीश वर्मा ने अपने कई काव्य संग्रह प्रकाशित किये हैं बड़ी उग्र और नितान्त मौलिक शैली में। आपको आघात लगता है, रोष उत्पन्न होता है और हिंसा के साथ शब्द शब्द सामना होता है। कहीं अंगुली नहीं…
असग़र वजाहत का संस्मरण - 'फ़ैज' पर कुछ अलग ढंग से →
असगर वजाहत का एक संस्मरण ई-बुक पर पढ़िए उनकी अपनी ही हस्तलिपि में - ‘फ़ैज’ पर अलग ढंग से. बड़े आकार में पढ़ने के लिए ई-बुक के नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें. अथवा इस कड़ी पर क्लिक करें. We’re…
संजय दानी की ग़ज़ल - बस प्यार है →
प्यार बस प्यार है प्यार बस प्यार है दोस्तों, ज़ीस्त का सार है दोस्तों। चांदनी बेवफ़ा है अगर, चांद की हार है दोस्तों । मुल्क में मूर्खों का राज गर, ग्यान बेकार है दोस्तों। इश्क़ के हाट…
कुछ उम्दा कविताएँ →
—निरंजन कुमार ‘निराकार’, रतलाम
जरूरत के जबड़े में
आदमी के सामने—
जरूरत का विशाल पहाड़ खड़ा है।
आदमी परेशान है
जरूरत की एक पूर्ति के बाद
दूसरी सिर उठाती है।
टक्कर लेने इसे
नित्य तनाव भरी दौड़…
रेमिंगटन (कृतिदेव) में यूनिकोड हिंदी में लिखने का... →
पंकज ने यहाँ पर बताया कि - हिन्दी टाइपिंग मे kruti dev प्रकार से remington टाईपिंग के लिये हमने इंटरनेट पर सामान्य रुप से मिलने वाले की बोर्ड मे कई सुधार किये है | इसे आप …
जयकुमार जलज की लघुकहानी : हासिल →
लघुकहानी
हासिल
— डॉ. जयकुमार जलज, रतलाम
उस तरफ नाला और उजाड़ मैदान होने से गली बंद हो गई थी। लोगों ने काँटेदार तार लगाकर उसे और भी बंद कर लिया था। दोनों तरफ बने मकानों के लिए अब वह एक आँगन जैसी…
प्रभुदयाल श्रीवास्तव का बाल गीत →
भ्रष्ट तंत्र को मार भगाओ सड़क सड़क पर गिट्टी गिट्टी गली गली में मिट्टी मिट्टी देखो मेरे गाँव में आकर नहीं एक भी सड़क है पक्की| नेता आते वोट माँगते सौ सौ वाले नोट बाँटते हाथ जोड़कर कहते सबसे मेरी…
आइए, करें कुछ संगीतमय हंगामा - सिर्फ 150 रुपए में,... →
क्या आप संगीत प्रेमी हैं? क्या आप सोते-जागते-उठते-बैठते संगीत सुनते हैं? यदि हाँ, तो क्या आपने अनुभव किया है कि आपके द्वारा सुने जाने वाले संगीत की क्वालिटी कैसी है? और, क्वालिटी की बात…
श्याम यादव का आलेख - धर्म, राजनीति और आर्थिक... →
मैं हिन्दू हूँ, इस बात का मुझे गर्व है। मुझे इस बात का भी गर्व है कि मैं हिन्दुस्तान में पैदा हुआ हूँ। उस हिन्दुस्तान में जिसने एक धर्म आधारित राष्ट्र बनने के बजाए धर्म निरपेक्ष राष्ट्र…
अपने विंडोज़ लाइव राइटर में हिंदी वर्तनी जाँचक... →
विंडोज़ लाइव राइटर में हिंदी वर्तनी जाँचक की बड़े समय से मांग थी. विंडोज़ लाइव राइटर ऑफ़लाइन प्रयोग हेतु ब्लॉगिंग का एक बेहतरीन, बेजोड़ प्रोग्राम है. माइक्रोसॉफ़्ट ने बीच में इसका एक…
सतीश चन्द्र श्रीवास्तव की लघुकथा - प्रेम →
गर्मी की शोख शाम थी। हवा आहिस्ता-आहिस्ता बह रही थी। माडर्न वे से बने एक बंगले में दो सहेलियाँ सुहावने मौसम से खिलवाड़ कर रहीं थी। किसी भी चिन्ता से दूर वे दोनों अपने में ही मग्न थी।
अचानक…
महिला की जूती और महिला की परेशानी →
दीवार पर लिखी कुछ दिलचस्प इबारतें और मजेदार कतरनें. महिलाओं के लिए कोई परेशानी हो तो हमसे संपर्क करें…??? शादी से पहले और शादी के बाद…. सबसे बड़ा रुपैया भइए, सबसे…
गंगा प्रसाद शर्मा 'गुणशेखर' के अवधी दोहे →
बेटवा जबते बड़ेभे ,दिलु भा रेगिस्तान। फिरहूँ ममता मातु की ,सींचइ फ़सल सुखान।। जरिया सारी बेंचि कइ,जीका किहिसि इलाजु। धरिसि गड़ांसा गरे पर, वहइ पुतउना आजु।। कुछु मा कुछु लगबइ करी, रंगु हमारे…
हिंदी की श्रेष्ठ हास्य व्यंग्य कविताएँ →
अल्हड़ बीकानेरी हफ़्तों उनसे मिले हो गए
विरह में पिलपिले हो गए
सदके जूड़ों की ऊँचाईयाँ
सर कई मंजिलें हो गए
डाकिए से ‘लव’ उनका हुआ
खत हमारे ‘डिले’ हो गए
परसों शादी हुई, कल तलाक
क्या…
जाँच
नई पोस्टें क्यों नहीं आ रही भाई?
April 2010
इंडिया उवाच: भारत की विफल राजनीति का ... →
दरअसल यह एक दिन का घटनाक्रम नहीं है,इसके पीछे एक दशक से भी ज्यादा की योजनाएं हैं जो क्रियान्वित होते-होते अब मूर्त रूप में सामने आई …
इस वर्ष प्रदेश में गेहूं की व्यापक ... →
मुख्य सचिव श्री गुप्ता ने कहा कि गेहूं की खरीद इस समय महत्वपूर्ण कार्य है, क्योंकि इस वर्ष प्रदेश में गेहूं की व्यापक फसल हुई है। …
2010 में आर्थिक वृद्धि 8.75 फीसदी →
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि भारत मजबूत घरेलू माँग की बदौलत वर्ष 2010 में 8.75 फीसद और 2011 में 8.5 फीसद आर्थिक वृद्धि हासिल कर …
Inflation | महँगाई के खिलाफ भाजपा की ... →
गडकरी ने कहा कि दिल्ली के राजनीतिक जीवन में यह अनोखा अवसर है जब महँगाई जैसे आम जनता से जुड़े विषय पर जनता का आक्रोश सड़कों पर उतरा …
चीरफाड़: बड़ी मछलियों को बचाने छोटी ... →
जी हां, क्रिकेट की आड़ में ग्लैमर और काले धन की चाशनी का स्वाद लेने वाली बड़ी मछलियों को बेनकाब होने से बचाने का खेल शुरू हो गया है। …
जिलाधिकारी महोदय ऑगनबाड़ी ... →
केन्द्रो पर कागजी खाना पूर्ति मुख्य सेविका और सीउीपीओ की मिली भगत से कर ली जाती है। सूत्र बताते हैं कि प्रत्येक ऑगन बाड़ी केन्द्रो …
संघ साधना: सड़क पर नमाज अदा करने से ... →
अरावली अपार्टमेंट निवासियों और मस्जिद में नमाज़ पढ़ने वालों के बीच अच्छा खासा विवाद हो गया है। अरावली अपार्टमेंट निवासियों का …
सतीश कुमार चौहान: लोकतंत्र तथाकथित ... →
मीडिया परस्ती के इस दौर में अखबार जगत का व्यवसायिककरण होना कोई आश्चर्य नही है, पर यह सवाल भी स्वाभाविक हैं कि पाठक को को मिल क्या …
दस कांग्रेस यात्राएं आज तक लगभग 3900 ... →
उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय कंाग्रेस कमेटी के महासचिव श्री राहुल गांधी जी द्वारा दिनांक 14अप्रैल को बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की …
भू-तकनीकी सन्देश: कुण्डलिनी: संजीव ... →
‘माता भूमिः पुत्रोsहम पृथिव्यां’ ऋग्वेद दशम मंडल की इस सूक्ति के अनुसार ‘भूमि मेरी माता है और मैं पृथ्वी का पुत्र हूँ’ -यां सनातन …
चाणक्य संदेश-अपनी तारीफ खुद कभी न ... →
पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. …
Just be who you are: जून की भरी दोपहर ...... 3 →
बस अड्डे पर अचानक हुए शोर और हलचल फल वालों की आवाज़, चाय वाले की आवाज़ ने बता दिया की बस अड्डे पर आ चुकी है. मै पंडित जी के साथ ही बस …
http://ranchiexpress.com/36252.php | Jharkhand»... →
पूरे राज्य में बिजली के लिए हाहाकार मचा हुआ है। भीषण गर्मी ने लोगों का जीना दुभर कर दिया है। लोग बेहाल हैं। शाम के बाद राज्य का बड़ा …
Arpit Wrote: कबड्डी प्रिमिअर लीग →
कबड्डी चल रही है। किसके बीच इस सवाल का जवाब बडा आसान है। अभी लगता है कि कबड्डी का मैच शशि थरूर और ललित मोदी के मध्य चल रहा है। …
ASHARAM BAPU: अधिक मास का माहात्म्य →
पुरुषोत्तम मास का व्रत दारिद्रय, पुत्रशोक और वैधव्य का नाशक है। इसके व्रत से ब्रह्महत्या आदि सब पाप नष्ट हो जाते हैं। …
Suraj Singh Solanki: पानी और स्वास्थ →
गर्मी का मौसम आते ही हमें पानी की उपयोगिता समझ में आने लगती है। इस दौरान पानी की काफी मांग बढ़ जाती है। पानी शरीर के लिए बेहद आवश्यक …
Online Help For Health And Education: अलसी : फाइबर... →
अलसी विटामिन, मिनरलों से भरपूर एक शक्तिवर्धक आहार है। गाँधीजी कहते थे- जिस घर में अलसी का सेवन होता हो वह परिवार सुखी और समृद्ध …
हम आप: मीडिया के आहूजा और नित्यानंद ... →
शाइनी आहूजा, स्वामी नित्यानंद और भीमानंद कुछ ऐसे नाम है जिनकी सच्चाई सामने नहीं आती तो आज भी ये काले कारनामे करने के बावजूद शान की …
बोलती कलम: जैव-तकनीकी (Biotechnology) →
जैव-तकनीकी की दुनिया, निराली है बड़ी! इसी के बुनियाद पे, ये दुनिया है खड़ी!! इसमें होता है, जीवाणुओं का मेल! जीवों के जीनों पे, चलता है …
शिल्पा ने किया मोदी का समर्थन →
वित्तीय अनियमितताओं के कारण जाँच के घेरे में आए ललित मोदी को आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिकों का समर्थन मिलना जारी है और अब राजस्थान …
Agri Commodity News English-Hindi: चीनी के दाम... →
उठाव के लिए बड़ी मात्रा में चीनी पड़ी हुई है और मिलें प्रति दिन एक नए न्यूनतम स्तर पर चीनी बेच रही हैं। इससे किसानों को गन्ने के दाम …
Mohalla Live » Blog Archive » मि जिन्ना : मंच पर... →
हिंदुस्तान-पाकिस्तान आज जिन्ना जैसे लोगों की जिद का नतीजा है और आज पूरा विश्व इसकी त्रासदी को झेलने को मजबूर है। एक ही व्यक्ति पर …
Youth | एक पाती, भगवान के नाम →
कोई छात्र भगवान को लड्डू चढ़ाने की बात कह रहा है तो कोई पास होने पर कथा कराने की। शहर के ज्यादातर मंदिरों में इन दिनों ऐसा देखने को …