श्याम नारायण 'कुन्दन' की कहानी - लव मैरिज

’सतीश ये मेरी पत्नी शैलजा जी हैं। कुछ दिन पहले ही हमलोगों ने लव मैरिज
की।’
लगभग चार साल के लम्बे अन्तराल के बाद अचानक हुए एक मुलाकात के
अवसर पर मेरे मित्र राघवेन्द्र ने अपने बगल में बैठी…

’सतीश ये मेरी पत्नी शैलजा जी हैं। कुछ दिन पहले ही हमलोगों ने लव मैरिज
की।’
लगभग चार साल के लम्बे अन्तराल के बाद अचानक हुए एक मुलाकात के
अवसर पर मेरे मित्र राघवेन्द्र ने अपने बगल में बैठी…